Dedicated Freight Corridor sets new record in Track Linking

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DEDICATED FREIGHT CORRIDOR CORPORATION

NEW DELHI
Date. 25.08.2017

Dedicated Freight Corridor sets new record in Track Linking, linked 41 km of track in a month

PRESS RELEASE

(Mechanized Track Linking with NTC Machine)

India’s ambitious rail mega-project Dedicated Freight Corridor (DFC) has achieved another milestone by setting a new record in Mechanized Track Linking. The record was set in the Rewari-Iqbalgarh section of Western DFC during the month of July 2017 when DFC laid and linked a total of 41 kms of tracks between New Phulera and New Srimadhopur DFC stations.

Another record of maximum laying and linking of tracks in a single day was also set by DFC in the same section. 3.25 kms of track laying and linking was done between Phulera and Pachar Malikpur DFC stations. With this, a total of 736 kms of track linking (Western DFC 370 kms, Eastern DFC 366 kms) has been completed on the DFC.

Mechanized Track Linking with the New Track Construction (NTC) Machine is being done for the first time in the history of Indian Railways. The NTC Machine is able to lay an average of 1.5 km of track per day in continuous operation, improving productivity, safety, efficiency and quality. The NTC is able to lay 10 concrete sleepers per minute with precise sleeper spacing and squareness. This is the most efficient and effective way of laying of new tracks.

DFCCIL, a special purpose vehicle (SPV) is engaged in planning, construction, operation and maintenance of the Dedicated Freight Corridors and in the first phase, the two corridors, namely Eastern Corridor from Ludhiana to Dankuni (1856 Kms) and the Western Corridor from Dadri to Jawahar Lal Nehru Port (JNPT) (1504 Kms) are being constructed for exclusively movement of Goods Trains.

The Eastern Dedicated Freight Corridor from Ludhiana to Dankuni near Kolkata is traversing states of Punjab, Haryana, Uttar Pradesh, Bihar, Jharkhand and West Bengal. The Western Dedicated Freight corridor from Dadri (Uttar Pradesh) to Jawaharlal Nehru Port Trust (Mumbai) is passing through Uttar Pradesh, Haryana, Rajasthan, Gujarat and Maharashtra.

The Western Corridors is being funded by Japan International Corporation Agency (JICA), while the Eastern Corridor from Mughalsarai to Ludhiana is being funded by the World Bank.

IN HINDI (Translated)

भारत की महत्वकांक्षी रेल परियोजना डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर (डीएफसी) ने मेकेनाइज़्ड ट्रैक लिंकिंग का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डीएफसी ने पश्चिमी कोरीडोर में जुलाई माह के दौरान कुल 41 किमी ट्रैक लेइंग और लिंकिंग की है, जोकि एक रिकॉर्ड है। यह ट्रैक लिंकिंग रेवाड़ी-इक़बालगढ़ सेक्शन के न्यू फुलेरा और न्यू श्रीमाधोपुर डीएफसी स्टेशनों की बीच की गई है। इसके अतिरिक्त, डीएफसी ने एक दिन के अंदर सबसे ज़्यादा ट्रैक लिंकिंग का रिकॉर्ड भी बनाया है। रेवाड़ी- इक़बालगढ़ सेक्शन में ही न्यू फुलेरा और पचार मलिकपुर डीएफसी स्टेशनों के बीच एक दिन में 3.25 किमी मेकनाइज़्ड ट्रैक लिंकिंग की गई है। इसके साथ ही, डीएफसी के दोनों कोरीडोरों में कुल 736 किमी (पश्चिमी डीएफसी 370 किमी, पूर्वी डीएफसी 366 किमी) की ट्रैक लिंकिंग पूरी की जा चुकी है। ग़ौरतलब है कि भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार न्यू ट्रैक कंस्ट्रक्शन (एनटीसी) मशीन द्वारा ट्रैक लिंकिंग का कार्य किया जा रहा है। एनटीसी मशीन में एक दिन में औसतन 1.5 किमी ट्रैक लिंकिंग करने में सक्षम है। यह मशीन लगातार कार्य करने एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ बचाव, कार्यकुशलता और गुणवत्ता के लिहाज़ से भी उपयुक्त पाई गई है। एनटीसी मशीन एक मिनट में 10 कंक्रीट स्लीपर सटीक स्पेसिंग और बराबर चौड़ाई के साथ बिछा सकती है। नए ट्रैकों को बिछाने के लिए यह सबसे उपयुक्त एवं कारगर मशीन है। डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) रेल मंत्रालय के अधीन स्थापित एक विशेष प्रयोजन संस्था है, जो ऐसे कोरीडोरों का निर्माण कर रही है, जिन पर केवल माल गाड़ियों का संचालन होगा। डीएफसीसीआईएल पहले चरण में पूर्वी और पश्चिमी कोरीडोरों के नियोजन, निर्माण, परिचालन और रख-रखाव का कार्य कर रहा है। 1856 किलोमीटर लंबा पूर्वी कोरीडोर पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के डानकुनि के बीच बनाया जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के दादरी से मुंबई स्थित जवाहर लाल नेहरू पोर्ट के बीच बन रहे पश्चिमी कोरीडोर की लंबाई 1504 किलोमीटर है। पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर लुधियाना से शुरू होकर कोलकाता के पास डानकुनि पर समाप्त होगा। यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से गुज़रेगा। जबकि, पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर दादरी (उत्तर प्रदेश) से शुरू होकर जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (मुंबई) पर समाप्त होगा। यह कोरीडोर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुज़रेगा। पश्चिमी कोरीडोर का निर्माण जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) एवं पूर्वी कोरीडोर में लुधियाना से मुग़लसराय सेक्शन का निर्माण विश्व बैंक द्वारा प्रदत्त ऋण से किया जा रहा है।

 

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